आज श्री एस पी त्रिपाठी जी से मैसेंजर पर बात हुई। फिर याद हो आया कि एक पोस्ट में उन्होंने नरही काफी हाउस का जिक्र किया था। मैंने यह कविता उस समय पूरी की थी। सोचा था कि पोस्ट करूंगा पर फिर भूल ही गया। ढूँढके निकाली है, उनको समर्पित है।
हजरतगंज नरही लखनऊ का हमारे वक्त का काफी हाउस का क्या कहना? कई हसीन शामों की यादों की बारात सी लग जाती है। बहुत वक्त गुजरा है वहां, अच्छा और बुरा भी। उन यादों के लिए भी।
कलम से------
दो जिंदगी जिए जा रहीं हैं,
अपनी राह चली जा रहीं हैं,
एक रहती महानगर
दूजी रहती नरही पर।
हर रोज मिल जाया करतीं हैं।
एक से मुलाकात काफीहाउस की टेबल पर होती है,
दूसरी से मुलाकात सब्जी मंडी की दुकान पर होती है,
जिंदगी दो रंगों मे चलती रहती है।
काफीहाउस की टेबल पर झिक झिक सियासी होती है,
कुछ नये की तलाश मे लोग आते हैं,
कुछ वक्त गुजार फिर घर का रास्ता अपनाते हैं।
मंटा और यशपाल भी यहाँ मिल जाते हैं।
दूसरी से मुलाकात सब्जी खरीदने में हो जाती है,
यहाँ भी झिक झिक होती है,
सस्ता पा जा जाने की खवाइश जो होती है,
यहाँ आना सब्जी खरीदना भी जरूरी होता है,
जिंदगी किसी की इसी भरोसे चलती है।
यहाँ चांद से मुलाकात जो होती है।
दो दो कहानियाँ बनती और बिगडतीं हैं
मेरी जिंदगी बस यूँ ही कटती रहती है। — with Ram Saran Singh and 35 others. (4 photos)
हजरतगंज नरही लखनऊ का हमारे वक्त का काफी हाउस का क्या कहना? कई हसीन शामों की यादों की बारात सी लग जाती है। बहुत वक्त गुजरा है वहां, अच्छा और बुरा भी। उन यादों के लिए भी।
कलम से------
दो जिंदगी जिए जा रहीं हैं,
अपनी राह चली जा रहीं हैं,
एक रहती महानगर
दूजी रहती नरही पर।
हर रोज मिल जाया करतीं हैं।
एक से मुलाकात काफीहाउस की टेबल पर होती है,
दूसरी से मुलाकात सब्जी मंडी की दुकान पर होती है,
जिंदगी दो रंगों मे चलती रहती है।
काफीहाउस की टेबल पर झिक झिक सियासी होती है,
कुछ नये की तलाश मे लोग आते हैं,
कुछ वक्त गुजार फिर घर का रास्ता अपनाते हैं।
मंटा और यशपाल भी यहाँ मिल जाते हैं।
दूसरी से मुलाकात सब्जी खरीदने में हो जाती है,
यहाँ भी झिक झिक होती है,
सस्ता पा जा जाने की खवाइश जो होती है,
यहाँ आना सब्जी खरीदना भी जरूरी होता है,
जिंदगी किसी की इसी भरोसे चलती है।
यहाँ चांद से मुलाकात जो होती है।
दो दो कहानियाँ बनती और बिगडतीं हैं
मेरी जिंदगी बस यूँ ही कटती रहती है। — with Ram Saran Singh and 35 others. (4 photos)




Sir a highly professional effort
ReplyDeleteThanks Puneet it's all because of you.
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