Saturday, July 12, 2014

धर्म युद्ध

कलम से _ _ _ _

3rd July, 2014

थक कर चूर चूर हो जाता हूँ
फिर खडा हो चलने लगता हूँ
जीवन में हार मान लूं ऐसा न होगा
जीत मिले न तब तक लडना होगा।

अर्जुन जब थका युद्ध मैदान में
प्रभु ने गीता का ज्ञान दिया था
हार मान बैठो यह स्वीकार नहीं
अपने पराये का यह प्रश्न नहीं है।

लंका में प्रभु राम ने भी यही कहा था
सीता को पाने का यह प्रयास नहीं है
धर्म युद्ध हो रहा दो विचार धाराओं में
सही गलत क्या, निर्णय इसका होना है।

दोस्तों, हार मान बैठना ठीक नहीं है
लडना हर अन्याय से बुरा नहीं है
जीवनपर्यन्त युद्ध लडना ही होगा
जन्म सार्थक तभी इस जीवन में होगा।
 — with आशीष कैलाश तिवारी and 48 others.
Photo: कलम से _ _ _ _

3rd July, 2014

थक कर चूर चूर हो जाता हूँ
फिर खडा हो चलने लगता हूँ
जीवन में हार मान लूं ऐसा न होगा
जीत मिले न तब तक लडना होगा।

अर्जुन जब थका युद्ध मैदान में
प्रभु ने गीता का ज्ञान दिया था
हार मान बैठो यह स्वीकार नहीं 
अपने पराये का यह प्रश्न नहीं है।

लंका में प्रभु राम ने भी यही कहा था
सीता को पाने का यह प्रयास नहीं है
धर्म युद्ध हो रहा दो विचार धाराओं में
सही गलत क्या, निर्णय इसका होना है।

दोस्तों, हार मान बैठना ठीक नहीं है
लडना हर अन्याय से बुरा नहीं है
जीवनपर्यन्त युद्ध लडना ही होगा
जन्म सार्थक तभी इस जीवन में होगा।

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