Saturday, July 12, 2014

भावभीनी श्रद्धांजली श्रीकांत जी को

26-06-2014

मेरी छोटी सालीसा इंदु की भावभीनी श्रद्धांजली श्रीकांत जी को, जिनका निधन गत 14 जून, 2014 दिन शनिवार को आचानक ह्रदय गति रुक जाने के कारण हो गया था:-

नया परिवेश जिया,
तुमको कहके अपना पिया,
छोड बीच मझदार गये तुम,
पूछूँ मैं तुमसे,
ऐसा तुमने क्यों किया ?

नहीं मालूम था,
बीच मझधार में ऐसे
छोड़ चले जाओगे
कह दोगे
लो पतवार संभालो
अपनी नैया तुम खुद खेओ
बोलो तुम बिन कैसे
चले जीवन की ये नैया
नहीं, बस अब और नहीं,
सह पाऊँगी,
रंग विहीन जीवन,
तुम बिन जी न अब पाऊँगी।

मन रूठा, तुम क्यों रूठे
रंग बेरंग हो गये सब,
मनवा टूट गया है,
सब्र छूट रहा है,
नहीं, बस अब और नहीं,
सह पाऊँगी।

कहूं अगर मैं तुमसे,
पास आना है मुझे मिलन को तुमसे,
मना न कर देना,
बस हां भर कह देना मनसे,
आ जाऊंगी मैं अपने मनसे,
नहीं, बस अब और नहीं,
सह पाऊँगी।

रीत निभानी पडती है जग की
रंग नहीं सिंदूर नही
सब छोडा है
जीने के लिए
नहीं, बस अब और नहीं
सह पाऊँगी।
 — with Ramaa Singh and Shreya Singh Raghuvanshi.
Photo: 26-06-2014

मेरी छोटी सालीसा इंदु की भावभीनी श्रद्धांजली श्रीकांत जी को, जिनका निधन गत 14 जून, 2014 दिन शनिवार को आचानक ह्रदय गति रुक जाने के कारण हो गया था:-

नया परिवेश जिया,
तुमको कहके अपना पिया,
छोड बीच मझदार गये तुम,
पूछूँ मैं तुमसे, 
ऐसा तुमने क्यों किया ?

नहीं मालूम था,
बीच मझधार में ऐसे
छोड़ चले जाओगे
कह दोगे
लो पतवार संभालो
अपनी नैया तुम खुद खेओ
बोलो तुम बिन कैसे
चले जीवन की ये नैया
नहीं, बस अब और नहीं,
सह पाऊँगी, 
रंग विहीन जीवन, 
तुम बिन जी न अब पाऊँगी।

मन रूठा, तुम क्यों रूठे
रंग बेरंग हो गये सब,
मनवा टूट गया है,
सब्र छूट रहा है,
नहीं, बस अब और नहीं,
सह पाऊँगी।

कहूं अगर मैं तुमसे,
पास आना है मुझे मिलन को तुमसे,
मना न कर देना,
बस हां भर कह देना मनसे,
आ जाऊंगी मैं अपने मनसे,
नहीं, बस अब और नहीं,
सह पाऊँगी।

रीत निभानी पडती है जग की
रंग नहीं सिंदूर नही
सब छोडा है
जीने के लिए
नहीं, बस अब और नहीं
सह पाऊँगी।
  • Arun Kumar Singh बहुत दुखद .................श्रंधजली
  • Ramaa Singh रहने को सदा दहर मे ,
    आता नही कोइ, 
    तुम जैसे गये ऐसे भी ,
    जाता नही कोइ .....
  • Suresh Chadha Dukhad pal hote hae jab koi apna bichata hae in palo ko sahan kerna or bhi muskil hota hae 
    Shradhanjali
  • S.p. Singh मेरी प्रभु से प्रार्थना है कि इन मुश्किलों में भगवान इंदु की मदद करे और जीवन में आगे बढने की शक्ति दे।
    जीवन बहुत लंबा है
    कठिन राहें है
    मुश्किल भरी हैं
    हार मान बैठ जाना
    स्वभाव को तुम्हारे स्वीकार नहीं है
    चलोगी डगर जो काटों भरी है
    घायल हों पग चितां नहीं है
    लडाई जीवन की जीतनी जरूर है।
  • BN Pandey BICHHAR KE TUMASE DILE BEKARAAR ROTAA HAI, WAFA TARAPATI HAI SABRO- KARAAR ROTA HAI. WO JAANE WAALE TUJHE KYAA KHABAR KI TERE LIYE, YEH AAJ KYO KOI BE-IKHATIYAAR ROTAA HAI...........HAMAARE DIL PE JO GUJARI KOI KYA JAANE. LIPAT -LIPAT KE BAHAARO SE PYAAR ROTAA HAI........SINGH SAHEB ES BIPADA KI GHARI ME HUM SUB US AATMA KE LIYE YAHI ARPIT KARENGE........ "PATAA NAHI KIS GHARI, KISKA KUB HO ANT. SHRADDHAANJALI SWEEKAARANA INDU KE SHRIKUNT"
  • S.p. Singh बहुत बहुत धन्यवाद।
  • Ram Saran Singh अत्यंत दुखद ।
  • Rajan Varma अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण होता है किसी अपने को खो देना; कोई भरपाई, कोई संातव्ना काफ़ी नहीं होती- क्योंकि केवल वही जानता है जिसके साथ गुज़री है; पर बावाजूद इसके परमात्मा के बनाये इस कुदरती कानून को मानना ही पड़ता है- हंस कर अथवा रो कर । इस सत्य को नकारा नहीं जा सकता कि कुछ चले गये- हम कतार में प्रतीक्षारत् हैं अपनी बारी की इतंज़ार में-
  • S.p. Singh आप चिरायु हों और स्वस्थ रहें प्रभु से प्रार्थना है।
  • Puneet Chowdhary Sir its indeed heart breaking to hear about demise of such a young person.May his soul rest his peace and give strength to u ,respected mam and your entire family to bear this ir reparable loss.I have always with both of u in your good times and even today i standby u in this moment of grief.Pls take care of yourself and family of the departed soul.
  • S.p. Singh Thank you so very much.
  • S.p. Singh Shreya Raghuvanshi : अपना ध्यान रखना ।
  • Madhvi Srivastava so sad........
  • Yogendra Bhatnagar our condolences to the berieved family

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