Friday, July 11, 2014

सपनों की दुकान

कलम से _ _ _ _

10 July, 2014

दोस्तों,

खोली है मैने सपनों की एक दुकान,
नरक में या खरीदो स्वर्ग में मकान,
यही नहीं और भी सब कुछ मिलेगा,
यहां सुखी सुविधा का पूरा सामान ।

बुलेट ट्रेन चाइना से लेकर आएगें,
आपको अपनी रेलों पर दौडाने को उकसाएगें।

तेजस हवाई जहाज हम बाहर बेचेंगे,
मुनाफा उस पर खूब कमाएंगे।

स्मार्ट सिटी हम सौ जगह बनाएंगे,
सपने अपने सब साकार हो जाएगें।

शिक्षा क्षेत्र से बाहरी पूंजी आएगी,
अपनी यूनीवर्सिटियों की हालत स्वतः ठीक हो जाएगी।

बीमा योजनाओं आकर्षक बनाई जाएगी,
जीवन मर्यादित हो सबका यह कोशिश की जाएगी।

वादे झूठे नहीं लगेंगे वादे हैं वादे ही रहेंगे,
जीवन की कसौटी पर इन्हें न हम कसेंगे,
अच्छे दिन आने वाले हैं खाली नारे नहीं लगेंगे,
सुदूर भविष्य के सपने बिकने वाले हैं,
दोस्तों, अब ऐसे अच्छे दिन आने वाले हैं।

कृपया आप मेरी
सपनों की दुकान पर अवश्य पधारें,
सपने तो सपने होते हैं,
आकर जो चाहें खरीदें
देखें परख कर खरीदें...........

(It is not directed against any one and surely aim is not to hurt sentiments of any individual. This may be simply read as political satire. )




  • Harihar Singh बहुत सुन्दर सारगर्भित रचना।See Translation
  • Sarsij Kumar Trivedi Atul · Friends with Harihar Singh
    वाह वाह अतिसुन्दर
  • Kamal Raj Agrawal सचाई के मर्म को बहुत ही खूबसुरत तरीके से पेश किया गया है आपको ढेरो बधाईयां
  • S.p. Singh आपका बधाई संदेश सुदंर लगे। धन्यवाद मित्रों।
  • Ram Saran Singh I agree with your disclaimer. But it is good. Unless we dream,can not think in that direction. So dream is the first stepping stone. One more thing, when we expect too much disappointment may come. So better to hope for better only. लेकिन आपकी रचना काव्यमय व्यंग्य है । बहुत बढ़िया ।
  • S.p. Singh अग्रवाल साहब,
    आपको जब यह कविता पसंद आई है तो मैं आश्वस्त हूं कि मेरे मित्रों को भी पसंद आएगी।
    बहुत बहुत धन्यवाद।
  • S.p. Singh सिंह साहब, 
    आपकी टिप्पणियों से ह्रदय बहुत प्रभावित होता है।
    बहुत सटीक हैं आपकी टिप्पणी।
    धन्यवाद।
  • Anil Kumar Madan Bahut sunder sapno ki parastuti ki hai aap ne sir Sapne wahi pure hote hai jo khuli aankho se dekhe jate haiSee Translation
  • Arun Kumar Singh बहुत सुंदर
  • Chadha Vijay Kumar let it happen
  • S.p. Singh जो पता है वह होगा ही,
    हमको भी उसी मार्ग पर
    चलना है जिससे पहले भी
    हमारे ज्ञानी लोग गए हैं।

    कुछ नया नहीं होगा, 
    शराब वही 
    बोतल शायद नई होगी ।
  • Anjani Srivastava सही कहा आपने सर, बहुत सुंदर <>माला फेरत जुग भया, गया न मन का फेर, 
    कर का मनका डार दे, मन का मनका फेर ..............
    See Translation
  • Rajan Varma बहुत सुन्दर व्यंग रचना है, सर- आप नरक या स्वर्ग में मकान बेच रहे हैं लोग मंगल ग्रह पर one-way ticket book करवा चुके हैं- चाँद पर पलॉट बुक करवा चुके हैं- मुझे तो ख़ैर मात्र अढ़ाई गज़ जमीन की दरकार है अौर वो भी मात्र अढ़ाई घंटे के लिये- जब तक चिता शांत न हो जाये; sorry sir ये out-of-context टिप्पणी हो गई है- पर बजट बनाम सपनों-के-पिटारे पर नज़र अवश्य रहेगी
  • Ajay Kumar Misra उम्मीदोँ पर दुनिया कायम है ।See Translation
  • Vandana Singh (Vishay se hatke)....yeh icon......hindustani senta clouse ka lagta hai...hindustani vesh-bhusha aur chotein chotein samanon(sapanon) ko pith par laade huye.
  • Anand Srivastava · Friends with BN Pandey and 16 others
    onces visit is must Grand SAPNO KI DUKAN
  • S.p. Singh I like your comments.
  • Anand Srivastava · Friends with BN Pandey and 16 others
    Thanks sir
  • S.p. Singh थोडा बहुत जो मैंने समझा उसमें कितना ब्लैक मनी वापस आएगा उसका कोई जिक्र नहीं है। बाकी अपनी कमाई और खर्च का ब्रेक अप है जो इधर उधर है।
    महगाई कैसे कम होगी समझ नहीं आता
    हाँ, आप बाहर घूमने गए हैं और 1000 रुपये के जूते लेकर आये हैं तो टैक्स नहीं लगेगा।
  • S.p. Singh बाबा रामदेव अब क्या करोगे।
  • Ajay Jain good Noon Mitro-----
  • Ramesh Chandra Samayanukool Lehkan. Bahut achchha.
  • Rajani Bhardwaj par sapne apne se hote hain.......See Translation
  • आशीष कैलाश तिवारी Sp सर। 'सपनों के सौदागर' जी को बता दीजियेगा कि 'वो जिन्न वाला' चिराग मुझे चाहिए।.... कहीं बाई मिश्टेक किसी और को ना दे दें?See Translation
  • S.p. Singh वह तो आपके लिए विशेष रूप से रखा हुआ है। चितिंत न हों।
  • Rajan Varma जिन्न भाई गर्मी की छुट्टियाँ मनाने पर्वतों पर चले गये हैं- कृप्या धीरज बनाये रखें- अर्जी लगा दी गई है अंबार में; आप अकेले न हैं कतार में
  • S.p. Singh अब तो पता लग गया है कि हम किस दिशा और दशा में जाएगें। देखिए आगे आगे क्या होता है।
  • Anjani Srivastava सर, हम प्रगति के पथ पर हैं ---
    गाय की जगह विदेशी कुत्ते पालते हैं , और खुद कुत्ता बन जाते हैं i
    --- गाय का गोबर, जो एक अच्छा insecticide और खाद है, इस से हमे घृणा है, लेकिन कुत्ते का मल-मूत्र बड़ी शान से दस्ताने पहन का उठाते हैं और "मॉडर्न" कहलाते हैं
    ...See More
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  • Javed Usmani बहुत उम्दाSee Translation
  • S.p. Singh सभी बन्धु बान्धवों को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर शत शत नमन।

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