कलम से _ _ _ _
10 July, 2014
दोस्तों,
खोली है मैने सपनों की एक दुकान,
नरक में या खरीदो स्वर्ग में मकान,
यही नहीं और भी सब कुछ मिलेगा,
यहां सुखी सुविधा का पूरा सामान ।
बुलेट ट्रेन चाइना से लेकर आएगें,
आपको अपनी रेलों पर दौडाने को उकसाएगें।
तेजस हवाई जहाज हम बाहर बेचेंगे,
मुनाफा उस पर खूब कमाएंगे।
स्मार्ट सिटी हम सौ जगह बनाएंगे,
सपने अपने सब साकार हो जाएगें।
शिक्षा क्षेत्र से बाहरी पूंजी आएगी,
अपनी यूनीवर्सिटियों की हालत स्वतः ठीक हो जाएगी।
बीमा योजनाओं आकर्षक बनाई जाएगी,
जीवन मर्यादित हो सबका यह कोशिश की जाएगी।
वादे झूठे नहीं लगेंगे वादे हैं वादे ही रहेंगे,
जीवन की कसौटी पर इन्हें न हम कसेंगे,
अच्छे दिन आने वाले हैं खाली नारे नहीं लगेंगे,
सुदूर भविष्य के सपने बिकने वाले हैं,
दोस्तों, अब ऐसे अच्छे दिन आने वाले हैं।
कृपया आप मेरी
सपनों की दुकान पर अवश्य पधारें,
सपने तो सपने होते हैं,
आकर जो चाहें खरीदें
देखें परख कर खरीदें...........
(It is not directed against any one and surely aim is not to hurt sentiments of any individual. This may be simply read as political satire. )
10 July, 2014
दोस्तों,
खोली है मैने सपनों की एक दुकान,
नरक में या खरीदो स्वर्ग में मकान,
यही नहीं और भी सब कुछ मिलेगा,
यहां सुखी सुविधा का पूरा सामान ।
बुलेट ट्रेन चाइना से लेकर आएगें,
आपको अपनी रेलों पर दौडाने को उकसाएगें।
तेजस हवाई जहाज हम बाहर बेचेंगे,
मुनाफा उस पर खूब कमाएंगे।
स्मार्ट सिटी हम सौ जगह बनाएंगे,
सपने अपने सब साकार हो जाएगें।
शिक्षा क्षेत्र से बाहरी पूंजी आएगी,
अपनी यूनीवर्सिटियों की हालत स्वतः ठीक हो जाएगी।
बीमा योजनाओं आकर्षक बनाई जाएगी,
जीवन मर्यादित हो सबका यह कोशिश की जाएगी।
वादे झूठे नहीं लगेंगे वादे हैं वादे ही रहेंगे,
जीवन की कसौटी पर इन्हें न हम कसेंगे,
अच्छे दिन आने वाले हैं खाली नारे नहीं लगेंगे,
सुदूर भविष्य के सपने बिकने वाले हैं,
दोस्तों, अब ऐसे अच्छे दिन आने वाले हैं।
कृपया आप मेरी
सपनों की दुकान पर अवश्य पधारें,
सपने तो सपने होते हैं,
आकर जो चाहें खरीदें
देखें परख कर खरीदें...........
(It is not directed against any one and surely aim is not to hurt sentiments of any individual. This may be simply read as political satire. )

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