Friday, July 11, 2014

चेहरा पर चेहरा


कलम से _ _ _ _

2nd July, 2014

एक चेहरा हर चेहरे पर लगा लेते हैं,
खुशी मिले न मिले खुश हम हो लेते हैं,
जो जीवन की मुश्किलातों से नही गुजरे हैं,
लाख कोशिशों के बावजूद भी उन्होने दिल नहीं जीते हैं,
दिल जीतना आसां नही होता है,
नंगे पाँव अंगारों पर चलना होता है,
गुरु युगपुरुष, जब समझाए तो समझना ही बेहतर होता है,
जीवन की मुश्किलों को मिलबांट कर ही जीना अच्छा होता है
अहसास बाँटने से ही बटते हैं
लोग तब आपको बेहतर समझते हैं।



 

No comments:

Post a Comment