Friday, July 11, 2014

टीवी चैनलों का गुणगान

कलम से _ _ _ _

1st July, 2014

मौसम का अनुमान और टीवी चैनलों का गुणगान आशीष तिवारी जी के नाम:-

गरमी पड रही थी
यह दिल्ली में आग लगा रहे थे
लोगों को भडका रहे थे
अब दिल्ली वाले गरमी में झुलसेंगें
बिजली को तरसेंगें
आग लगेगी जीवन में सबके ऐसा होगा
कुछ न बचेगा ऐसा कुछ अबके होगा।

बारिश की पहली बूंद है गिरी नहीं
सौधीं सी खुशबू अभी धरा से ऊठी नहीं

इनका हो गया शुरू राग पुराना
अबके बारिस में नहीं है नहाना
भीग अगर जाओ तो न घबराना
जाकर घर कपडे उतार धोलेना।

आज शाम की बारिश के बारे में
शोर खूब रहेगा धम धम आकाश करेगा
दिल्ली वाला दिन भर परेशान रहेगा
भागलेगा पहले से ही ट्रैफिक में कौन फंसेगा।

दिल्ली पानी में डूबे या न डूबे
चैनल वाले जरूर डूबो देंगें
दिन भर न्यूज चला कर
सबको बेकार रुला देंगें।

टीवी की महिमा का गुणगान
कर रहा खूब हिंदोस्ताँ बखान।
 — with आशीष कैलाश तिवारी and 8 others.
Photo: कलम से _ _ _ _

1st July, 2014

मौसम का अनुमान और टीवी चैनलों का गुणगान आशीष तिवारी जी के नाम:-

गरमी पड रही थी
यह दिल्ली में आग लगा रहे थे
लोगों को भडका रहे थे
अब दिल्ली वाले गरमी में झुलसेंगें
बिजली को तरसेंगें
आग लगेगी जीवन में सबके ऐसा होगा
कुछ न बचेगा ऐसा कुछ अबके होगा।

बारिश की पहली बूंद है गिरी नहीं
सौधीं सी खुशबू अभी धरा से ऊठी नहीं

इनका हो गया शुरू राग पुराना 
अबके बारिस में नहीं है नहाना
भीग अगर जाओ तो न घबराना
जाकर घर कपडे उतार धोलेना।

आज शाम की बारिश के बारे में
शोर खूब रहेगा धम धम आकाश करेगा 
दिल्ली वाला दिन भर परेशान रहेगा
भागलेगा पहले से ही ट्रैफिक में कौन फंसेगा।

दिल्ली पानी में डूबे या न डूबे
चैनल वाले जरूर डूबो देंगें
दिन भर न्यूज चला कर
सबको बेकार रुला देंगें।

टीवी की महिमा का गुणगान
कर रहा खूब हिंदोस्ताँ बखान।
  • Ajay Kumar Misra Kale megha pani de.
  • BN Pandey GIRAVI RAKH DI HAI SAAGAR KI TAPASI LAHER LOG KAHATE HAI "YE GHAN SAJAL CHAAHIYE". BAADAL APANE HI GHAR PER VARUS RAH GAYE REH GAYE LOG KAHATE HAI SWARNIM FASAL CHAAHIYE...................... BARAKHAA RAANI JUM KE BARASO...............AAYENGE MERE SAAJAN PARSO............
  • Javed Usmani ''दिल्ली पानी में डूबे या न डूबे
    चैनल वाले जरूर डूबो देंगें''
    बेहद उम्दा
    See Translation
  • Brahmdeo Prasad Gupta very nice and realistic.
  • आशीष कैलाश तिवारी इस समस्या के विषय में मा. मनीष तिवारी जी का कहना है "ये है अच्छे दिनां की परिभाषा?",,, तिवारी जी। पत्रकार ने बारिश के विषय मे राय मांगी थी।,,,, कहे थे निर्लज्ज से कि कन्ट्री मत पिया कारों,,, औल फौल बकरने लगे नाSee Translation
  • Rajan Varma कविता उम्दा है; टाइटल चित्र से तो ऐसा प्रतीत हो रहा है सर कि दिल्ली में राम जम कर बरसे हैं ? पर न भी बरसें हों जम के- तो भी ये तो दिल्ली का रोग पुराना है- आधा घंटा ही बरसा होगा यार, तो ये नज़ारा जाना-पहचाना है !
  • Sanjay Joshi यथार्थ अनुभव sir,,, 
    you are great..
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  • S.p. Singh बरसें तो गम नहीं 
    टीवी वाले न बरसने पर शोर इतना करते हैं 
    जब बारिशें होती हैं तो तूफान मचाए रहते हैं।
  • Sanjay Joshi मिडीया वाले सबको धोते हैं,, 
    आपनें उन्ही को धो डाला.. ।
    See Translation
  • Kalpana Chaturvedi सही चित्रण।
  • S.p. Singh देखिए आज शायद बरसें घनघना के श्याम।
    फिर देखते दिल्ली के रंग और टीवी के कमेन्ट।
  • S.p. Singh धन्यवाद भगवान खुदा वाहे गुरू और इन्द्र देवता दिल्ली पर क्रपा करने के लिए।
    बरसे तो सही।
    अब देखो टीवी वालों की लच्छेदार बातें।

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