Saturday, July 12, 2014

तुम न आए आज भी,

कलम से _ _ _ _

28th June 2014

तुम न आए आज भी,
नैन बिछाए रहा मैं वैठा 
फिर भी न आए तुम।

मिलन की पहली रात का
बारिश की पहली बूंद का
रहता है इंतजार
करते हो क्यों निराश
आज भी न आए तुम।

धनधोर घटा छाई थी
आस बहुत जगाई थी
बरसोगे अबके जोरदार
बिजली आसमान में कडक रही थी
हवाओं के झोकों के साथ बह गए
लौट फिर न आए
आज न आए तुम।

आना खूब बरसना
कोई न दे उलाहना
ऐसे अपने हो बरसना
शातं हो जाए धरा
तब तक बरसना
पेड पोधों को
सूखी दूब को
पशुओं को
पक्षियों को
मोर मोरनी को
कोयल को न मिल जाए आवाज
तब तक बरसना।

उमस भरी शाम में
कोई नहीं आता
ऐसा मौसम नहीं किसी को सुहाता
मौसम सुहावना होगा
मतबाली हवाएं बह रही होंगीं
तब आएगा मेरा यार
इसलिए कहता हूँ
बरस जोर से बरस मेरे यार।
 — with Ram Saran Singh and 14 others.
Photo: कलम से _ _ _ _

28th June 2014

तुम न आए आज भी, 
नैन बिछाए रहा मैं वैठा 
फिर भी न आए तुम।

मिलन की पहली रात का
बारिश की पहली बूंद का
रहता है इंतजार 
करते हो क्यों  निराश
आज भी न आए तुम।

धनधोर घटा छाई थी
आस बहुत जगाई थी
बरसोगे अबके जोरदार
बिजली आसमान में कडक रही थी
हवाओं के झोकों के साथ बह गए
लौट फिर न आए
आज न आए तुम।

आना खूब बरसना
कोई न दे उलाहना
ऐसे अपने हो बरसना
शातं हो जाए धरा
तब तक बरसना 
पेड पोधों को
सूखी दूब को
पशुओं को
पक्षियों को
मोर मोरनी को
कोयल को न मिल जाए आवाज
तब तक बरसना।

उमस भरी शाम में
कोई नहीं आता
ऐसा मौसम नहीं किसी को सुहाता
मौसम सुहावना होगा 
मतबाली हवाएं बह रही होंगीं
तब आएगा मेरा यार
इसलिए कहता हूँ
बरस जोर से बरस मेरे यार।
  • Suresh Chadha Intezar intezar 
    Na jane kab aoge tum
  • Rajan Varma "तब आयेगा मेरा यार"- इस आश्वासन अौर विश्वास के साथ एक गाँव के सभी लोग इकट्ठे हुये गाँव के मैदान में- कुल-देवी की सामूहिक पूजा हेतू; ऐसी मान्यता थी कि अगर सभी लोग मिल कर कुल-देवी की पूजा करें तो मेरा यार आवश्य बरसेगा । एक पंच-वर्षीय बालक को छाता लेकर पूजा में आते देख एक नौजवान ने खिल्ली उड़ाने के मूड से बालक को छेड़ा- क्या मास्टर इतनी कड़क धूप में छाता? 
    बालक बाल-सुलभ भोलेपन से बोला- क्यों जब सब मिल कर पूजा करेंगे तो क्या य़ार नहीं बरसेंगे ? 
    इसे कहते हैं विश्वास- विपरीत इसके, हम तो पूजा करने से पहले यह मान कर ही पूजा करते हैं कि वाँछित फ़ल मिलना तो है नहीं, ये तो बस एक रीत है, formality है- तो फ़िर "यार" को दोष क्यों देना !
  • Rajesh Gupta अतिसुन्दरSee Translation
  • Mukta Yadav · Friends with Manish Sukhwal and 1 other
    Parkrati ka sundar manvikaran
  • S.p. Singh अति सुन्दर वर्मा जी वाकई क्यों दे दोष अपने ही यार को।
    बहुत बढिया।
  • S.p. Singh सुरेश जी, राजेश जी एवं मुक्ता जी मैं आप सभी का आभार व्यक्त करता हूँ।

    वैरी पिया आज भी नहीं आए,
    न होगी बरसात,
    हां, असुंअन से भीग रहा होगा मेरा मन
    मेरा अहसास।
    June 28 at 8:11am · Edited · Like · 1
  • Ram Saran Singh बढ़िया महोदय । ऐसा प्रतीत हो रहा है मानों बादलों से प्रत्यक्ष वार्तालाप हो रहा हो । साथ ही बारिश होने में जनकल्याण भी झलक रहा है । "मिलन की पहली........" पंक्तियाँ अच्छी हैं ।
  • S.p. Singh बहुत बहुत धन्यवाद सिहं साहब।
    अबकी बार लगता है रूठे ही रहेंगे मेरे सरकार। इलनीनो का होगा लोंग टर्म इम्पैक्ट।
  • BN Pandey HUME PURN VISHWAAS HAI KI INDR DEO AAP KI YACHANAA AUR FB DOSTO KI SHUBHKAMANA PER PRASANN HO KER 1-2 DIN ME AAM LOGO KO BARISH KE JUL SE TAROBOR KER DENDE................. BARSO GHANSHYAAM ESI BUN ME............
  • S.p. Singh बरसें तो सही अब मानसून लेट हो रहा है।
    शुभकामनाएं।
  • BN Pandey SIR LATE HO NAHI RAHAA HAI, HO CHUKAA HAI. HUM LOGO KI KHETI BURVAAD HAI.
  • Javed Usmani अति सुंदरSee Translation
  • S.p. Singh धन्यवाद मित्रों।
  • Satish Manocha · Friends with BN Pandey and 21 others
    Bhagwan ke ghar der he andher nahin he......
  • Himanshu Mahla ati sunder,,,,
  • Rajani Bhardwaj मिलन की पहली रात का
    बारिश की पहली बूंद का
    रहता है इंतजार
    करते हो क्यों निराश
    आज भी न आए तुम।...mn ke komal spndit bhaw....sunadr or sahaj
    See Translation
  • S.p. Singh धन्यवाद रजनी जी।
  • Suresh Chadha Sir ji intezar khatam hua. ..akhir a he gaye mosum ki pehle bochar
  • S.p. Singh हाँ आखिर में हमारी बात सुन ही ली और कल रात दिल्ली भीग ही गई।

    दशहरी का मजा अब आएगा।
    ...See More
    June 30 at 5:29am · Edited · Like · 2
  • Rajan Varma मन्नै न कही थी- राम बरसेंगे जरूर; राम कै घरां देर तो हो सकै, पर अंधेर कोनी होती
  • Gian Chand Pawar बहुत खूब सर बैहतरीन जवाब नहीं
  • Suresh Chadha Welcome ab aye ho to kuch dino tak hamare pas rehns dhanyabad
  • S.p. Singh धन्यवाद मित्रों।

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