Saturday, July 12, 2014

"जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी।"

कलम से _ _ _ _

29th June, 2014


चित्रकार ने सतरंगी
रंगो से एक चित्र बनाया
वह भी केवल
मात्र दो मिनट में।

रोक न पाया
गया उसके पास मैं
पूछा क्या है उसने बनाया
बुझे मन से
कहने लगा वह
नहीं आज कुछ नहीं बन पाया
मेरा महबूब आने को था
नहीं वो आया
मन अशांत था इसलिए
आज कैनवास पर
कुछ नहीं बनाया
रंग बिखेर दिए हैं बस ऐसे ही
मन बहलाने को।

उदास मन को सहारा मिल जाए
कुछ मैने सोचा था
दिल उसका रखने को
बहुत सुंदर पेन्टिंग है बनी
ऐसा ही कहा था।

कुछ लोग और आगए
भीड सी थी लग गई
हर व्यक्ति गुणी ज्ञानी था
अपनी अपनी टिप्पणी दे रहा था।

कहता कोई कितना सुंदर लैंडस्केप बन पडा
कोई कहता नहीं नहीं क्या सुंदर स्त्री का गठन किया
एक सज्जन बोले नहीं इसमें मेरा परिवार बसा
एक हमसार बोला ऐसा कुछ नहीं इसमें मेरा कृष्ण बसा

सुनकर बात इतनी सी
दे दी पेन्टिंग उसको जिसने कृष्ण को देखा पहचाना था
निकला मुहं से उसके
सही उसने आकां था।

"जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी।"
 — with Ram Saran Singh and 45 others.
Photo: कलम से _ _ _ _

29th June, 2014

 
चित्रकार ने सतरंगी
रंगो से एक चित्र बनाया
वह भी केवल 
मात्र दो मिनट में।

रोक न पाया
गया उसके पास मैं
पूछा क्या है उसने बनाया
बुझे मन से
कहने लगा वह
नहीं आज कुछ नहीं बन पाया
मेरा महबूब आने को था
नहीं वो आया
मन अशांत था इसलिए
आज कैनवास पर 
कुछ नहीं बनाया
रंग बिखेर दिए हैं बस ऐसे ही
मन बहलाने को।

उदास मन को सहारा मिल जाए
कुछ मैने सोचा था
दिल उसका रखने को
बहुत सुंदर पेन्टिंग है बनी
ऐसा ही कहा था।

कुछ लोग और आगए
भीड सी थी लग गई
हर व्यक्ति गुणी ज्ञानी था
अपनी अपनी टिप्पणी दे रहा था।

कहता कोई कितना सुंदर लैंडस्केप बन पडा 
कोई कहता नहीं नहीं क्या सुंदर स्त्री का गठन किया 
एक सज्जन बोले नहीं इसमें मेरा परिवार बसा
एक हमसार बोला ऐसा कुछ नहीं इसमें मेरा कृष्ण बसा

सुनकर बात इतनी सी
दे दी पेन्टिंग उसको जिसने कृष्ण को देखा पहचाना था
निकला मुहं से उसके 
सही उसने आकां था।

"जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी।"
  • Brahmdeo Prasad Gupta it is always state of mind which defines an object.
  • उत्तराखण्ड प्राथमिक शिक्षक · 2 mutual friends
    Nice Lines By Gulzar Sahab 

    पानी से तस्वीर कहा बनती है,
    ख्वाबों से तकदीर कहा बनती है,
    किसी भी रिश्ते को सच्चे दिल से निभाओ,
    ये जिंदगी फिर वापस कहा मिलती है
    कौन किस से चाहकर दूर होता है,
    हर कोई अपने हालातों से मजबूर होता है,
    हम तो बस इतना जानते है,
    हर रिश्ता "मोती"और हर दोस्त "कोहिनूर" होता है।
    सुप्रभात
  • S.p. Singh गुप्ता जी बहुत धन्यवाद।
  • Suresh Chadha Wah re prabhu ki lila
    Atti Uttam
    SUPRABHAT SABI MITRO KO
  • S.p. Singh मित्रवर आपका नाम नहीं फिर भी आपको मेरा सलाम।
  • BN Pandey SINGH SAHEB JISAKA DURD HAI WAHI USE SAMAJHATA HAI..........ARZ HAI " DUA MAANGI THI AASHIYAANE KI , CHAL PARI AANDHIYA JAMAANE KI. MERE GUM KO KOI SAMAJH N PAAYA, KYO KI MERI AADAT THI MUSKURAANE KI"
  • S.p. Singh धन्यवाद सुरेश जी।
  • S.p. Singh वाह वाह पांडे जी।
    हिंदी में यह होती तो और मजा आता।
    इतजार है।
  • Ramaa Singh उत्तराखण्ड प्राथमिक शिक्षक, 

    किसी भी रिश्ते को सच्चे दिल से 
    निभाओ, 
    ये जिन्दगी फिर वापस कहाँ मिलती,
    बहुत सुन्दर ...
  • Ramaa Singh B.N Pandey ji 

    गम को कोई समझ न पाया ,
    क्योंकि मेरी आदत थी मुस्कराने की ,
    बहुत खूबसूरत ...
  • Ram Saran Singh हर चीज़ के प्रति नज़रिया वैयक्ति होता है । ईश्वर के दर्शन भी इसी तरह होते है ऐसा कहने वाले कहते है । सही कहा है महोदय आपने । "जाकी रही भावना.......... "
  • S.p. Singh ईश्वर तो जिस रूप में मिल जाए उसके सभी रूप मन भाते हैं।
    धन्यवाद सिहं साहब।
  • S.p. Singh धन्यवाद मासूम जी।
  • Javed Usmani बहुत उम्दाSee Translation
  • Rajan Varma The beauty lies in the eyes of the beholder- अपने-अपने देखने का नज़रिया है- चार अँन्धे लोगों को हाथी को छू कर बताना था कि क्या महसूस किया; जिसने सूँड को छुआ उसने कहा हाथी पाइप है; जिसने पाँव छुआ उसने कहा हाथी बस एक खम्बा है; जिसने पेट पर हाथ रखा उसने कहा दीवार है अौर जिसने पूँछ पकड़ी वह बोला हाथी रस्सी है- कोई भी ग़लत नही अौर सही भी कोई नहीं- जिसने जितना सच जाना, महसूस किया उतना बयान किया बाकी के सत्य से वह अपरिचित है तो उससे उस सच की उम्मीद करना न्याय-संगत भी नहीं; Hence is very important to know "what you don't know". Being ignorant of what you don't know is no excuse of being deprived of the ultimate truth- हम लाख कहते रहें कि हमें इस कानून की जानकारी नहीं थी- जज हमें सज़ा देगा ही- अत: सत्य को सत्य के रूप में जानना हमारा अपना उत्तरदायित्व है- किसी अौर का नहीं
  • S.p. Singh उम्दा, बहुत उम्दा विचार।
  • Ashok Kumar Singh behad khoob
  • Sp Tripathi बहुत सुन्दर ।।See Translation
  • SN Gupta खूबसूरत -ये कौन चित्रकार है
  • Ajay Jain sabhi mitro ko shubh sandhya ji
  • Dhiraj Kumar virtually ratina is redifined always....as soon as we see the paintings each time.
    ....nice poetry sir.
  • S.p. Singh रचना पसंद करने के लिए बहुत धन्यवाद मित्रों।
    आपके आशीर्वाद से संबल मिलता है।
  • Rajani Bhardwaj anek bhawon ko ek sath srijit kiya aapne is kvita me
  • S.p. Singh जी हां आपने सही कहा।
    धन्यवाद ।
  • Ajay Jain Good Night sabhi mitro

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