Saturday, July 12, 2014

शर्मिंदगी

अब इस पर क्या कहूँ?
होती है शर्मिंदगी हमें,
हम लोग इस जहाँ में रहते हैं।
 — with आशीष कैलाश तिवारी and 5 others.
Photo: अब इस पर क्या कहूँ?
होती है शर्मिंदगी हमें,
हम लोग इस जहाँ में रहते हैं।

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