25-06-2014
तुम्हारे आने की आहट हो रही है,
बयार अति मधुर बह रही है,
आकाश भी अब बोल रहा है,
बरसो आज मन डोल रहा है।
प्रीत बन छा जाओ,
मीत तुम आ जाओ,
पास ही रह जाओ,
अब मेरे हो जाओ।
आना जब कुछ अपनी कहना,
अबकी कुछ मेरी भी सुनना,
लाओ या ना लाओ गहना,
मेरे ही अब बनके रहना ।
डर लगता है बना न ले कोई तुमको अपना,
संसार है पापी बस आता है इसको हंसना। — with आशीष कैलाश तिवारी and 45 others.
तुम्हारे आने की आहट हो रही है,
बयार अति मधुर बह रही है,
आकाश भी अब बोल रहा है,
बरसो आज मन डोल रहा है।
प्रीत बन छा जाओ,
मीत तुम आ जाओ,
पास ही रह जाओ,
अब मेरे हो जाओ।
आना जब कुछ अपनी कहना,
अबकी कुछ मेरी भी सुनना,
लाओ या ना लाओ गहना,
मेरे ही अब बनके रहना ।
डर लगता है बना न ले कोई तुमको अपना,
संसार है पापी बस आता है इसको हंसना। — with आशीष कैलाश तिवारी and 45 others.

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