कलम से ------
फूल खिलते ही खरीदार आ जाते हैं,
बागबां के दिल को ठेस दे जाते हैं,
हर हसीन चेहरे की दास्तान निराली है,
दिल की सुनने को न मै, न तू राजी है।
Sent from Samsung Mobile — with आशीष कैलाश तिवारी and 36 others.
फूल खिलते ही खरीदार आ जाते हैं,
बागबां के दिल को ठेस दे जाते हैं,
हर हसीन चेहरे की दास्तान निराली है,
दिल की सुनने को न मै, न तू राजी है।
Sent from Samsung Mobile — with आशीष कैलाश तिवारी and 36 others.

No comments:
Post a Comment