Saturday, July 12, 2014

अंधा अंधड

कलम से-----

कौशांबी सेन्ट्रल पार्क से, आज प्रातः ही।

31st May, 2014

कल शाम की आंधी और तूफान पर रखता हूँ, मैं अपनी बात,
मैं, अंधा अंधड, तुमको अपनी बात बताता हूँ,
मुझे न समझो कमजोर मैं अपनी शक्ति दिखाता हूँ,
बहुत संदेश दिए प्रकृति से छेड छाड ठीक नहीं,
सुनी न तुमने मेरी बात, हो जाओ अब तैयार,
मैं अब आता, हूँ देखो क्या कर जाता हूँ,
पूजा होती थी मेरी, तुमने मारी मुझको लात,
सभंल जाओ अब तो तुम, वरना खाओ अब मेरी लात।

( Mother nature has been issuing warning but we human beings never cared so all this furry n destruction. )
 — with आशीष कैलाश तिवारी and 42 others atKaushambi (Ghaziabad). (5 photos)
  • Santosh Mishra · Friends with ज.ल. राठौर प्रभाकर
    sch kha apne, hm log ab bhi na bdle tio prakriti khud badal degi hme..
  • BN Pandey "BHAY BIN HOHI N PREETI" YE BILKUL SAHI KAHA HAI. SHAYAD AB DHIRE DHIRE LOGO KO "PRAKRITI" KA MAHATV SAMAJH ME AANE LAGA HAI. AAPNE EK ACHCHHA SANDESH DIYA HAI. Sadhu vaad
  • S.p. Singh बदलना ही होगा। चलता है अब नहीं चलेगा, मेरे दोस्त।
  • Suresh Chadha We all must change our attitude
    Otherwise d nature will change us
  • Sp Tripathi Bahut barbadi hui is aandhi me.Mana ki galti aadmi ki hai per nature apno ko bhi saza de rahi hai.
  • S.p. Singh Yes. We need to take control and contain this situation.
  • Atul Singh प्रकृति की यह उथल पुथल आक्रोश कम हमारे द्वारा अपनी सुख सुविधा के लिए किए जा रहे प्रकृति के साथ खिलवाड़ का प्रतिफल अधिक है. गाँधी जी ने कहा है की "प्रकृति के पास आदमी की ज़रूरत के लिए पर्याप्त है परंतु उसकी लालच की पूर्ति के लिए नहीं"
  • Ashok Kumar Dwivedi · 2 mutual friends
    aadmi nature se chedchar ki saza bhugte ga.
  • S.p. Singh अकाट्य सत्य। मोदी जी आए हैं देखिये क्या अच्छे दिन लाए हैं।
  • Javed Usmani सही कहना हैं , मानव स्वंय आपदा का कारण हैं और प्रकृति का अपना दंड विधान हैंSee Translation
  • SN Gupta प्रकृति सर्व शक्तिशाली है फिर भी नियमों से चलती है, वह नियम कभी नहीं तोडती इंसान जब जब प्रकृति से खिलवाड़ करता है तब ही विध्वंस होता है
  • S.p. Singh आज विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाएगा। तब मेरी यह कविता लोगों को याद रहेगी या नहीं पता। पर हमारी सोच बदले तो सारा जहान बदले। बहुत बहुत इस पावन दिवस की बधाई।
  • Manish Sukhwal बहुत खूबSee Translation

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