Tuesday, September 9, 2014

देखते देखते ही मैं खुदा बन गया

कलम से____

देखते देखते ही
मैं खुदा बन गया
यह मैं नहीं लोग कह रहे हैं
कह भी नहीं कर के दिखा रहे हैं
सुबह शाम
लोगां आते जाते
खड़े रह जाते हैं
कुछ तो ताली बजा
पूजा सी करते हैं
कुछ बाकायदा
रीत अनुसार
पूजा पाठ करते हैं !

चंद साल पहले तक
मैं एक ठूंठ पेड़
हुआ करता था
जीडीए की निगाह
पड़ गई मेरे चारों ओर
चबूतरा बनबा दिया
फिर क्या था
देखते हो देखते लोग
फूल तोड़ लाने लगे
शीस मेरे चढ़ने लगे
और मैं भगवान बन गया !!

जिस देश में
ऐसे परिवेश में
साधारण इन्सान भी
भगवान बन जाते हैं
मैं तो कम से कम
काम करता हूँ
(दिन रात कार्बन डाइ आक्साइड को आक्सीजन में बदलता हूँ)
कुछ तो बेकार
ही पूजे जाते हैं !!!

पीपल मेरी कहानी मेरी जुबानी !!!

//surendrapal singh//

http://spsinghamaur.blogspot.in/
 — with Puneet Chowdhary.
Photo: कलम से____

देखते देखते ही
मैं खुदा बन गया
यह मैं नहीं लोग कह रहे हैं
कह भी नहीं कर के दिखा रहे हैं
सुबह शाम
लोगां आते जाते
खड़े रह जाते हैं
कुछ तो ताली बजा 
पूजा सी करते हैं
कुछ बाकायदा
रीत अनुसार 
पूजा पाठ करते हैं !

चंद साल पहले तक
मैं एक ठूंठ पेड़
हुआ करता था
जीडीए की निगाह
पड़ गई मेरे चारों ओर
चबूतरा बनबा दिया
फिर क्या था
देखते हो देखते लोग
फूल तोड़ लाने लगे
शीस मेरे चढ़ने लगे
और मैं भगवान बन गया !!

जिस देश में
ऐसे परिवेश में
साधारण इन्सान भी
भगवान बन जाते हैं
मैं तो कम से कम
काम करता हूँ
(दिन रात कार्बन डाइ आक्साइड को आक्सीजन में बदलता हूँ)
कुछ तो बेकार
ही पूजे जाते हैं !!!

पीपल मेरी कहानी मेरी जुबानी !!!

//surendrapal singh//

http://spsinghamaur.blogspot.in/
  • Tahsin Usmani Nice.Good idea.
  • Harihar Singh बहुत सुन्दरSee Translation
  • Shravan Kumar Sachan Bhartiya dersan...
  • Ram Saran Singh महोदय पर्यावरण को पूज्य मानकर रचित पंक्तियाँ अच्छी है । धन्यवाद ।
  • Rajan Varma राधे राधे सर; मेरा देश महान् है- जहाँ पत्थर भी पूजे जाते हैं- तराश्ने वाला कलाकार चाहिये; ७-८ साल पहले जब मैं फ़रीदाबाद-दिल्ली अप-डाउन करता था (ITI RO CP) तो एक दिन सुबह किसी ने सड़क के बीच वाले डिवाइडर पर एक मूर्ति रख दी; देखते ही देखते कुछ दिनों में वो वीर बाबा की मज़ार बन गई अौर लोग सड़क के बीचों-बीच कारें रोक कर (चुन्नी वाली दुकाने खुल गईं किनारे पर) चुन्नी खरीद कर, नंगे पाँव माथा टेकना शुरू हो गये- अौर वीरवार को तो लाइनें होती थी! 
    बड़ी हिम्मत करके प्रशासन की नींद कुछ महीनों बाद खुली- उस तथा-कथित मजार को सड़क के डिवाइडर से हटा कर २०० मीटर दूर सड़क किनारे स्थानान्तरित किया; बा-अदब
  • BN Pandey SIR YE SUCH HAI KI AAJ KAL DESH ME SYCOPHANTS KI SANKHYAA RAAJ NITIGYO NE KHUB BARHAA DI HAI..........VARANAA KAL KE CHOR UCHCHAKKE GIRAHKUTT AAJ KHAADI PEHANKER DARBAAR JAMAAYE BAITHE HAI..........RAHI PIPAL PER KI BAAT VO TO HAMAARE DHARM GRANTHO ME...See More
  • Akhilesh Mishra लोगों का कहना ही जायज है।
    23 hours ago · Unlike · 1
  • Javed Usmani बहुत सुंदरSee Translation
    21 hours ago · Unlike · 1

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