Friday, September 5, 2014

गिलास में ड़ाली थी

कलम से ____

गिलास में ड़ाली थी थोड़ी सी शराब
पता नहीं था कि तुम भी पीने आ जाओगे !!!

//surendrapalsingh//
 — with Puneet Chowdhary.
Photo: कलम से ____

गिलास में ड़ाली थी थोड़ी सी शराब
पता नहीं था कि तुम भी पीने आ जाओगे !!!

//surendrapalsingh//

कर कमलों से अर्पित है संगिनी का यह लघु उपहार

कलम से____

कर कमलों से अर्पित है
संगिनी का यह लघु उपहार
प्रथम प्रेम का मूतॆ रुप
अंतःस्थल का उदगार।

सपनों का संसार सजोते
बीत चुके हैं दिवस अनेक
अब तो हठ छोड़ो प्रियतम
करती बिनती मस्तक टेक।

तज कर अतीत का एकाकी पन
कर लो जीवन में प्रवेश...............

//surendrapal singh//

http://spsinghamaur.blogspot.in/
 — with Puneet Chowdhary.
Photo: कलम से____

 कर कमलों से अर्पित  है
    संगिनी का यह लघु उपहार
      प्रथम प्रेम का मूतॆ रुप
        अंतःस्थल का उदगार।

   सपनों का संसार सजोते
     बीत चुके हैं दिवस अनेक
      अब तो हठ छोड़ो प्रियतम
        करती बिनती मस्तक टेक।

     तज कर अतीत का एकाकी पन
       कर लो जीवन में प्रवेश...............

//surendrapal singh//

http://spsinghamaur.blogspot.in/